Monday, 25 January 2010

जेकब के बचपन की स्मृती

मेरे बचपन की स्मृती
मैं बहुत स्कूल गया. ज़रुरी है कि आधिक स्कूल था. जब मुझे तीन साल था, मैंने प्रीस्कूल शुरू किया. शुरू में, मैं अंग्रेज़ी का वर्णमाला पढ़ा. एक साल के बाद, मैं आसान किताबें पढ़ सकता था. जब मुझे चार साल था, मैंने नंबर पढ़ा, अंग्रेज़ी और सपैनिश में. मेरा मनपसंद चीज़ प्रीस्कूल में नैप्टाइम था. मेरी मनपसंद सहली का नाम एजा था. एक बार, वह मेरे घर में थी, और मैंने उसके बाल प्लैस्टिक कैंची के साथ कटाये. इस के बाद, मैं बहुत परेशानी में था.
जब मैं प्रीस्कूल खत्म हुआ, मैंने एलेमेन्टरी स्कूल शुरू किया. इस स्कूल में, मैंने कुछ नई चीज़ें पढ़ी और मेरे पास कुछ नये दोस्त थे. किंडर्गार्डन में हमने कोई नहीं पढ़ी. हमनें खाना और प्लेयडो पकाये और अध्यापक ने हम को कहानियाँ पढाई. पहला ग्रेड मे, पढ़ाई शुरू किया. हमने वर्तनी, गणित, विज्ञान, और मिशिगन की इतिहास पढ़े. तब भी हमने खाना पकाया, लेखिन कम.
एलेमेन्टरी स्कूल में, मेरे दोस्त अक्सर बदल गये। मेरा पहला दोस्त का नाम, केनी था। मैंने उसको किताब पढ़ना सीखा, क्योंकि उस पर कठिन था। हम बहुत विडियोगेम्ज़ खेले भी। उस के बाद, मेरा दोस्त का नाम बाबी था. बाबी और मैं नें बहुत मज़ाक चीज़ें करे. मेरा बचपन नहीं रोचक था.
जकब बोल्टन

मेरी बचपन की स्मृतियाँ

जब मै छोटी थी, सोचती हूँ कि मै बहुत ख़ुशी हुई हर रोज़ क्योंकि मेरे माता-पिता कहते हें कि मै नहीं रोई थी और सब लोग मुझे पसंद था। मेरी पसंदीदा स्मृतिया है जब मेरी दादी ने मुझसे एक नया कैबज पैच डाल दी। भी याद कि मेरे नाना नानी ने एक नया लिटल मरमेद तंत दिया मुझसे। यह गिफ्ट बहुत पसंद थी! मै और मेरी सहेलियाँ तंत में सोती थी वीकेंड्स पे। भी याद कि मेरे माता पिता आईस क्रीम खाने के लिए बास्किन राबिन्ज़ या देरी क्वीन गए हर हफ्ता। मै और माता ने चौकलत मूस खाया था, मेरे पिता ने हीथ खाया था, और मेरा छोटा भाई ने दैकिरी आईस खाया था। वह दूध नहीं खा सकता था और इसलिए आईस करीम नहीं खा सकता था। लेकिन यह प्राब्लम अपना बचपन में ही था; आज वह दूध खा सकता है।

Sunday, 24 January 2010

मेरे बचपन की स्मृतिया

मेरा बचपन बहुत ही मजेदार था. मेरा माँ मुझे हमेशा बचपन की कहानियां सुनाती थीं. वह कहतीं थीं की जब मैं छोटी थी, मुझे चीज़ें इकट्टे करने का बहुत शौक था. जब हम नाना-नानी के यहाँ जाते थे, मैं पूरा घर घूमती थी और जब भी मुझे कोई चीज़ पसंद आती, मैं उससे उठाकर एक थैली मैं दाल देती. मैं, एक पांच साल की बच्ची, एक भरा हुआ थैला अपने कंधे पर रखकर पूरा घर घूमती. मैं अपनी नानी से कहती, "क्या मैं यह रख लूं?" और फटाफट अपने थैली मैं दाल देती. मेरी नानी खूब हस्तीं!
बचपन में मुझे अपने दोस्तों के साथ खेलना बहुत अच्छा लगता था. मेरा बचपन कुवैत में गुज़रा और उस जगह से मेरी काफी यादें जुडी हुई हैं. मैं रोज़ अपने घर के नीचे खेलने जाया करती थी. मैं और मेरे दोस्त क्य्क्लिंग करते थे और छुपा छुपी खेलते थे. बहुत मज़ा आता था. मैं पूरी शाम अपने दोस्तों के साथ बिताती और जब तक घर पहुँचती, मैं खूब थक्जती. फिर माँ मेरे पीछे लग जाती ताकि मैं अपना होमवर्क ख़तम कर सकूं. .
मुझे गुड़ियों के साथ खेलने का बहुत शौक था. मेरे कमरे में बहुत सारे बर्बियाँ थीं. मुझे उनको तय्यार करने में बहुत मज़ा आता था. जब भी मैं माँ के साथ बाज़ार जाती, तो मैं जिद करती की वे मेरे लिए एक गुडिया खरीदें. मेरे पास एक गुड़ियों का घर भी था.
बचपन में मेरी एक बहुत ही अच्छी दोस्त थी. उसका नाम श्रुती था. वह मुझे तब से जानती है जब से मैं छे महीने की थी. अब भी वह मेरी सबसी अच्छी दोस्त है. हम दोनों साथ में बड़े हुए हैं और मेरी सबसे सुन्दर यादें उससे जुडी हुईं हैं. हम साथ साथ स्कूल में पड़े हैं और हमने बहुत मस्ती की है.

मेरे बचपन की स्मृतियाँ

मैंने अपने परिवार के सात बहुत वक्ता गुज़ारा। बचपन में हम सुब बहुत खेलते थे। में भारेण में रहता था। वह बहुत सांड थी और बहुत गर्मी भी थी। मुझे खिलोने से खेलना बहुत पसुन्द था। मुझे बोल के सात खेलना बहुत पसुन्द था। में और मेरे दोस्त रोज़ बाहर बिसिकल चलते थे। हर दो या तीन साल में भारत जाता था और मेरे दुसरे परिवार से मिलता था। मुझे रोज भारतीय खाना मिलता था और में दभेली, पाव भाजी, और गन्ने का रूस पीता और खता था। में और मेरे चचेरे भाइयो और भेहेनो बाहर बहुत खेलते थे। वह मुझे बास्केटबाल खिलते थे। ओसकी वझे से मुझे बास्केटबाल अच्छे से खेलना आता है। हम बहुत सरे बच्चे के सात खेलथे थे। एके पंजाबी लड़का बहुत अच्छे से खेलता था। उसने मुझे बहुत खेलने के बारे में सिखाया। हम दोनों दोस्त बुन जाये।
में भारेण में इंग्लिश मीडियम स्कूल में पडता था। मेरे पास पाच अच्छे दोस्त थे। हम रोज क्रिकेट खेते थे। मुझे बातिंग बहुत पसुन्द थी और मेरे दोस्त को बोवलिंग पसुन्द थी। हम सुब बहुत नहीं लडते थे। में और मेरे भाई थोडा बहुत लडते थे। लकिन अब हम नहीं लडते है। जब में बार साल का था हम सुब फ्लोरिडा गए। मेंने मिकी और मीन्ने और दफ्फ्य को देखा। वह मेरा पहेली बार था डिस्नी में। में जी भर के खेला और मस्ती मरी। मुझे घर वापिस नहीं जाना था। मुझे रोज़ राएड्स में जाना था और शोस देकने थे। लकिन एके हफ्ते बाद मुझे वापिस मिचिगन जाना पढ़ा और स्कूल चालू हुई।
मेरी जनम मुंबई में हुई. जब में दो साल की थी में और मेरे माथा - पीता पुणे शिफ्ट हो गए. वहां मेरी बहेन का जनम हुआ. जब मैं तीन साल की थी मैं स्कूल जाने लगी वहां मैं मेरी सबसी अच्छी दोस्त निशि से मिली. जब मैं पांच साल की थी मेने सैंट जोसेफ्स हाई स्कूल में किन्देर्गारतें शुरू किया. मैं साथ साल पर कठिन किताबों को पड़ने लगी. जब मैं आठ साल की थी मेने मराठी बोलने और लिखने लगी. भारत में मैथ और स्सिएंस पर बहुत ही फोचुस था. मेरे पास बहुत पदोसीं थे और हम सब बहुत मस्ती करते थे. जब मैं दस थी मेरा परिवार अमेरिका चले आये. हम फर्मिन्ग्तों हिल्स को आये और एक अपार्टमेन्ट में रहेथे थे. वहां मैं आपने नयें पड़ोसिन के साथ दोस्त हुई और हम काप्तुरे थे फ्लग खेलते थे. मैं इधर स्कूल जाने लगी और धीरे से दोस्त बनाए. जब मैं बारा साल की थी हम एक बड़ा सा घर में शिफ्ट हुए और मेरे पड़ोसिन और अच्छे दोस्त मेक्सिको को गए क्योंकि उनके पिता का जॉब ट्रान्सफर हुआ.  फिर मैं हाई स्कूल को शुरू किया और हाई स्कूल में दबाते क़ुइज़्बोव्ल और टेनिस किया और बहुत ही कठिन क्लास लिए. मेने बहुत मेहेनाथ किया हाई स्कूल में और फिर में उनिवेर्सित्य ऑफ़ मिचिगन को एक्सेप्ट हुई और इधर आने का फ़ैसला किया. 

बचबन की स्मृतियाँ

एक मनपसंद बचबन की स्मृतियाँ जब मेरा परिवार अवकाश पर गया। जब मैं छोटा था, हम बहुत जगह गया। एक स्मृति बहुत याद आता हूँ। मैं दिस्नेय्वोर्ल्ड बहुत पसंद था और पसंद है। वहां बहुत लोग जाते है क्योंकिमशहूर जगह है। हम एक हवाई जगह में फ्लोरिडा जाना के लिए गया। मुझे विमान बहुत पसंद है क्योंकि वे दिलचस्प मशीन है। मुझे विमान इनता पसंद है की मैं एक जहाजरान बनना चाहता था। खैर, हम दिस्नेय्वोर्ल्ड पहुंचा। मैं कभी नहीं भूलूंगा मेरी प्रतिक्रिया जब मैं ने दिस्नेय्वोर्ल्ड का मनोरंजन पार्क घुसे। मैं बहुत विस्मित क्योंकि दिस्नेय्वोर्ल्ड बहुत बड़ा है और एक जादू जगह है। मैं ने सारे फिल्मे के अंक देखे। मेरा मनपसंद अंक "मिक्की मौसे" था क्योंकि वह कठिन चूहा है। मैं बहुत रोल्लेर्कोअस्तेर्स पर गया और बहुत मजा आया।

एक दूसरा स्मृति है जब मैं पहले समय भारत गया। जब मैं भारत पहुंचा, मुझे एक नया
ग्रह में लगता था। मैं बहुत भौचक्का जब मैं ने कुछ बड़े शहर देखे। मैं ने इतना लोग कभी नहीं देखा था. उसके बाद हम जी.टी सड़क से होकर पंजाब गया। जी.टी रोड बहुत आनंद है क्योंकि हमारा ड्राईवर बहुत तेज गाड़ी चलाया और हम कुछ ढाबे गया। ढाबे का खाना बहुत स्वाद है। मैं अपनी नानी का गॉव गया। यह गॉव बहुत अच्छा था और मैं अपने काफी परिवार मिला। एक चचेरा भाई के साथ स्कूटर पर बाज़ार घोमा और बहुत मजा आया। एक होर याद है कि हम बहुत ख़ूबसूरत मंदिर। वहां बहुत मंदिर है और अच्छा है। मुझे भारत बहुत पसंद है और तब तक मैं भारत अधिक जाता हूँ।

मेरे बचपन की स्मृतियाँ

मेरे बचपन में मुझे कभी-कभी चोट लगी। एक बार मैं और मेरे दोस्त एक छोटे जंगल में थे। हम लोग साइकिलों पर दौड़ रहे थे और मैं पाताल पर गिरा। मेरी टांग में छोटी ही चोट लगी, लेकिन मैंने मेरी टांग देखकर बहुत खून देखा। मैं और एक दोस्त मेरा घर गए और मैं और मेरे माता-पिटा अस्पताल गाड़ी चलाए। मुझे मेरी टांग में कुछ स्टिचज मिलने थे। मैं मेरे माता-पिता को रोया कि मुझे स्टिचज मिलना नहीं पसंद था। लेकिन अब मुझे मालूम है कि स्टिचज अनुकूल थे। अब मेरे दायेंवाले टांग पर मेरा निशान है। आज मैंने अंग्रेज़ी की क्लास के लिए इस बचपन की स्मृति के बारे में एक कविता लिखी।
मेरे यंग जीवान में मुझे मेरे दोस्त के साथ साइकिलों पर शहर घूमना अच्छा लगता था
। हम लोग को शहर में स्केटबोर्ड करना भी अच्छा लगता था। मैं स्केटबोर्ड करने में अच्छा कभी नहीं था, लेकिन वह मज़ेदार था। कुछ दोस्त अच्छे थे, और वे बहूत दिलचस्प ट्रिक्स कर सकते थे। कुछ दिनों हम साथ-साथ सूरज के अस्त को सूरज के उदय से थे। अनदर हम बहुत विडीओ-खेल खेले और बहुत फ़िल्में देखे। बाहर हम अक्सर स्पोर्ट्स खेले: ड्राइव-वे में बास्केटबॉल, यार्ड में बेसबॉल, और सड़क में फुटबॉल। हम्हें फुटबॉल खेलकर गारी के लिए चलना था। बचपन में मैं एक लीग में बास्केटबॉल खेला, और मिडल-स्कूल में मैं मेरे स्कूल के टीम के लिए बास्केटबॉल और फुटबॉल खेला।