बहुत भारतीय शादी के रिवाज हैं। संगीत संध्या एक मजेदार रिवाज है। वह रिवाज उत्तरी भारत में सामान्य है। उस रिवाज में बहुत लोक संगीत और नाच है। दोनों परिवार साथ साथ नाच करके गाते हैं। वे ढोलकी बजाते हैं। ढोलकी एक छोटा ड्रम है। दुल्हन और दूल्हा अपने परिवार परिचय कराते हैं।
मेंहदी उत्सव दूसरा मजेदार शादी का रिवाज है। अक्सर दुल्हन का परिवार ही वह रिवाज उत्सव मनाता है और वह शादी के बाद कुछ दिन ही होता है। उस रिवाज में लोग अपने हाथ और पैर पर लाल-भूरा रंग पाते हैं। मेंहदी का डिज़ाइन बहुत "डिटेल्ड" है। कभी-कभी लोग डिज़ाइन में दूल्हा का नाम लिखता है। वह रिवाज में भी औरत नाच करके गाती हैं। वे रंग-रंगीली ड्रेस पहनती हैं।
तीसरा रिवाज बरात निकासी है। वह दूल्हा की निकासी शादी के जगह को है। दूल्हा अपने परिवार और दोस्त से घोड़े या हाथी पर चलाता है। बरात रंग-रंगीला और भव्य है। दूल्हा ट्रडिशनल कपड़ा पहनता है। कुछ दूल्हे फूल से पगड़ी पहनता है। फूल उसके चेहरे पर हैं। रिश्तेदार उसके माथे पर तिलक पाते हैं। लोग नाच करके ड्रम बजाते हैं। जब दूल्हा पहुंचता है तब कोई स्वागत-गाना बजाता है। वह दरवाजे पर दस्तक देकर इमारत में जाता है।
Showing posts with label शादी रिवाज. Show all posts
Showing posts with label शादी रिवाज. Show all posts
Monday, 22 March 2010
Sunday, 21 March 2010
अमरीकन शादी और भारतीय शादी
मुझे अमरीकन शादी के बारे में बहुत ज्यादा नहीं मालुम | मैं सिर्फ एक अमरीकन शादी 'अटेंड' की | मेरी बहन की 'बोय्फ़्रिएन्द' के परिवार 'कैथोलिक' है और उन्होंने कह कि अगर दोनों शादी करें तो मेरी बहन एक 'कैथोलिक' बनना पड़ेगी | इस लिए अभी मेरी बहन और अपनी 'बोय्फ़्रिएन्द' शादी नहीं की | सो अमरीकन शादी कभी कभी आज़ादी नहीं है | कोई परिवार बहुत अनुदार हैं और अगर दोनों एक ही धुरम तो शादी नहीं कर सके | अमरीकन शादी में अक्सर नए पत्नी-पति पति के परिवार के नजदीक रहतें हैं और इस लिए भारतीय कि शादी बहुत अलग नहीं | जब मैंने सगाई के बारे में पढ़ा जब मुझे पता चल रही थी कि दुल्हन, दुल्हे के परिवार के घर जाती हैं | मुझे मेंहदी रिवाज बहुत पसंद है | क्योंकि मेंहदी रिवाज सिर्फ औरतों के लिए और बहुत जागरी रिवाज है | मुझे पुरुष प्रधान रिवाज नहीं पसंद हैं | मेंहदी रिवाज पुरुष प्रधान नहीं है |
मैंने रुखसती के बारे मैं भी पढ़ा और मुझे यह रिवाज नहीं पसंद है क्योंकि हमेशा दुल्हन अपने परिवार छोर देती हैं | मेरी लिए अपने परिवार बहुत जागरी और ख़ास हैं और इस लिए मैं सोचती हूँ कि रुखसती बहुत उदास है | मैं याद करती हूँ कि दक्षिणी भारत में कभी-कभी दूल्हा दुल्हन के परिवार के साथ रहतें हैं लेकिन आधिक समय दुल्हन अपने परिवार छोर देती है |
Subscribe to:
Posts (Atom)