Sunday, 11 March 2012

कछुआ और खरगोश

एक समय पर एक कछुआ और एकखरगोश थाखरगोश सोचा था कि वह तेजी से जानवर थावह सब उसने क्या सोचा कह रही शुरू कर दियावह भी के बारे में कछुआ धीमी गति से कैसे कछुआ छेड़ा थाएक दिन कछुआ खरगोश चिढ़ा के थक गयावह खरगोश को कहा, "हमें दौड़ चलोमैं जीतने और तुम्हें दिखाता हूँ!" खरगोश हँस शुरू कर दिया.उन्होंने कहा, "ठीक है, हम चलाते हैं. फिर सबदेखेंगे कि मैं तेजी से कर रहा हूँ.कछुआ खरगोश से नाराज हो गया.वह सभी जानवरों से कहा, "कल, मैंखरगोश दौड़ और मैं जीत जाएगा!"
अगली सुबह सभी जानवरों कछुआ और खरगोश की दौड़ देखने के लिए आया थाजब दौड़ शुरू कर दिया, कछुआ सड़क धीरे धीरे नीचे चला गया.खरगोश,तथापि, नीचे रखी और सो गयाजब खरगोश उठा तो उसने देखा कि कछुआ तकनहीं गया थाताजा लग रहा है, खरगोश दौड़ शुरू की बजाय नाश्ता खाने का फैसला कियावह एक बगीचे में चला गया और कुछ गाजर और टमाटर खा लियावह खाना खत्म के बाद, खरगोश नींद फिर से महसूस शुरू कर दिया. वह कछुआ देखा और देखा कि वह आधे रास्ते में दौड़ के साथ किया गया थाएक बार फिर से खरगोश सो गयाधीरे धीरे सूरज सेट करने के लिए शुरू किया. अचानक खरगोश उठा.उसने देखा कि कछुआ लगभग दौड़ के साथ किया गया थावह उठकर रूप में वह तेजी से भाग गयालेकिन कछुआ करीब दौड़ खत्म हो रही थीबस के रूप में खरगोश उसे पकड़ने के लिए शुरू कर दिया, कछुआ दौड़ जीतीखरगोश बहुत थक गया और गिर गया था.उसने बहुत शर्मिंदा महसूस कियाकि वह कछुआ करने के लिए खो दिया हैकछुआ मुस्कुराया और बहुत खुशमहसूस किया.

story by garrett

एक दिन पर में मेरे स्ट्रीट पर चलता है एक आदमी मेरे पास चलता है और यह आदमी कहा: अरे! आप मुझ को मदद कर सकता है? मैं कहा: हाँ क्यों मैं आप को मदद कर सकता है? जब वह आदमी कहा: मैं आपना मोटा चोट लगा और मैं उस हॉस्पिटल को जा चाहता है तब मैं कहा: ठीक नहीं है! मैं आप को मदद कर सकता है. तो मैं और वह आदमी मेरे गारी से हॉस्पिटल को जाता है वह आदमी मुझ को कहा: आप मुझ को कुछ रुपये दे सकता है? मेरे पास इन्सुरांस नहीं है. तो मैं कहा: हाँ मैं आप को कुछ रुपये दे सकता है. तो यह आदमी कहा: शुक्रिया. और यह मैं हॉस्पिटल में चलता है. और मैं हॉस्पिटल से आपना घर को जाता है लेकीन जब मैं आपना घर को जाता, मैं यह आदमी देखता है और यह आदमी एक बार को चलता है मैं आपना गारी से जाता है मैं कहा: अरे! क्या आप का मोटा टिक करता था? यह आदमी हैरान देखता है और वह कहा: ओ मैं एक डॉक्टर को कहा है की मेरे मोटा टूट नहीं गयी तो मैं आप का घर को चलता है तो मैं आप को आप की रुपये देता है. तो मैं कहा: लेकिन आप वह बार को चलता है! वह आदमी कहा: मैं इस बार को चलता है क्यों की मैं आप को फोन कर सकता है मैं कहा: ठीक है. तो आप मुझ को आपना रुपये दे सकता है? और यह आदमी हैरान देखता है तो यह आदमी मुझे चलता है! और मेरे गारी "पर्केद" नहीं है तो मैं यह आदमी को चलता है. यह आदमी जुट बोल रहा है.

जन्मदिन की कहानी

मैं यह कहानी आपने जन्मदिन के बारे में लिख रही हूँ. मेरा जन्मदिन सात फरवरी में थी.  छह फ़रवरी के बाद रात
बारह बजे मेरे दोस्तों ने मुझे एक केक के साथ आश्चर्य पार्टी दी. मैं बहुत हैरान महसूस की. मुझे पता नहीं था कब और कहा वे लोग इस पार्टी की आयोजन की लेकिन मुझे बहुत पसाद आई. रात दो बजे तक हमारे अपार्टमेन्ट में वे लोग रुके और गमेस खेले, तस्वीरें ले, खाना खाये, और बहुत गपशप करे. फिर वे लोग आपने घर चले गए क्योंकि सुबह स्कूल थे. सारा दिन मुझे क्लास में रहना परा और दो परीक्षा भी दी. परीक्षा कुछ आसन थी क्योंकि में दो हफ्ते पहले से उसकी तयारी की. फिर शाम पांच बजे घर आई और अपने रूम्मातेस के साथ दिननेर पे गयी. हम लोग सवस (Savas:Name of Restaurant) पे गयी क्योंकि वह रेस्तौरांत पास में थे और मौसम कुछ ठंड पढ़ रहा था. वहा पे भी हम बहुत गपशप की. वहा पे, मेरी दोस्तों ने मुझे उपहार दी. मुझे सब पसाद आई. तो फिर हम वहा से चली गयी और वे लोग मुझे स्कतिंग पर ले गयी. वहा तो सब से ज्यादा मज़ा आया. मेरे दोस्त बहुत खारब स्कतेर्स (skaters) थे तो वे लोग हर सेकंड्स फर्श पर गिर गयी. इस के देखर मुझे बहुत मज़ा आई और जब घर वापस गयी तो मेरी कमर, कूल्हों, और पैर पे दर्द होने लगी. कोई बात नहीं क्योंकि मुझे बहुत मज़ा आया और यह था मेरी इस साल की जन्मदिन की कहानी.




Spring break/story

स्प्रिंग ब्रेक में मैं चेन्नई गया. मैं "युनैत फॉर सैत" के साथ गया और मैं ने बहुत कुश किया. मैं ने कोई तीस "काताराक्ट सुर्गेरिएस" देख गया. हर सुर्जेरी फ्री थी और सब लोग खुश थे. जो लोग के पास मेडिकल इन्सुरांस नहीं थी, वह लोग हमने देखा. हर दिन, मैं और मेरा दोस्त ने खुश कोई एक सौ पचास पेशेंस देखे. हमने नए "प्रेस्क्रिप्तिओन्स" दे दिए और उस के बाद नए चश्मे दिए. एक दिन मैं और खुश एक नुर्सिंग स्कूल गए. मंगलवार को हमने एक गांव गया और बूढ़े लोग देखा. शाम को हमने और सुर्जरीस देखी. बुधवार को हमने मछली पकड़ने टापू गए और वहा काम किया. पूरा हफ्ते हमने यह किया. लेकिन अब मैं जानता की मैं यह "होमेवोर्क" गलत कर रहा हूँ. यह है मेरी नई कहानी. एक दिन मैं और अपनी बहन रात का खाना बना रहे थे. मेरी बहन ने कहा, "अनिकेत, क्या आप पिता को उता लिया?" "नहीं!" मैं ने कहा, "मैं अभी करूँगा" फिर मैं ने मेरी बहन को कहा, "अनीशा, खाना मेज़  पर रख लो. फिर अनीशा ने मेज़ साफ़ की और मैं ने कुर्सी पर बैट ली. जब अपने पिता काम से आए, हम सारा खाना खा गया और उस के बाद एक फिल्म देख ली. यह कहानी अच्छी नहीं है और मैं दर गया क्योकि मैं "कोम्पौंद वेर्ब्स" नहीं आता हूँ. 

Thursday, 8 March 2012

जन्मदिन

तन्वी गंगल

जन्मदिन

सुबह उतकर श्रीया को एक इचा थी, अपना जन्मदिन धूमधामसे बनाने का इचा| पहले, श्रीया गिर गयी सीरियों से, पर कोई बात नहीं उनकी माँ ज़रूर कुछ अच्छा खाना बनायी है नाश्ता के लिए| पर यह भी नहीं हुआ, श्रीया की माँ अभी तक सो रही थी, तो कोई उसको स्कूल नहीं चोर सक्का| तब तक श्रीया रोने लगी, यह उसके सात क्यूँ हो रहा था और इस खास दिन पर| जब श्रीया स्कूल पहुंची ओसके सारे दोस्त ओनसे बात नहीं कर रहे थे, उसकी सबसे खास दोस्त भी उससे सिर्फ 'नमस्ते' कही| श्रीया को समाज में ही नहीं रहा था की सब लोग क्यूँ नाराज़ थे उससे, वेह कभी गलत काम नहीं करती है| जब वह नाश्ता के लिए बैटी उसके सारे दोस्त उसके अंकों से अंक नहीं मिलकर अपनी मेज़ पर बैटने नहीं दिए| यह तो दुनिया का सबसे बूरा दिन निकला| जब घर के लिए बस भी छूट गयी, तो श्रीया के सारे आशाएं दिन के, टूट गये| जब श्रीया घर लौटी कुछ घंटे बाद, घर तक चलने से बहुत थक गयी, और लगता है की बिजली भी गयी क्योंकि सरे घर अँधेरा में पड़ा था| जब श्रीया ने ऊपर कमरे तक जाने की लाइट ओं करी तो सरे सीरियों में उसके सरे दोस्त, माँ बाप, और परिवार वोलों खरे थे एक धेर साडी मिठाई के सात| चुटकी में वह अपनी सारा दिन की मुश्किलें भूल गयी और एक लाइट से उसकी साड़ी परेशानियाँ दूर हो गयी और इचायें पूरी हो गयी| यह सचमुच सबसे अच्छा आश्चर्य था|


Short Story

मेरा नाम अर्पित है. मैं अपने बारे में एक कहानी सुना रहा हूँ. एक दिन मैं सुबह में उठा. मैं बहुत थका था. मैं कल रत बार बजे सो जाया था. मेने मेरे दोस्त को भी उठा दिया. आज बहुत  व्यस्त दिन था. मुझे बहुत काम करना था. मेने ब्रेअक्फ़स्त खा लिया. मेने मेरे कुत्ते को भी दूध पिला दिया. फिर मैं कॉलेज जाया. आज मुझे ४ क्लास में जाने था. पहेला क्लास अच्कोउन्तिंग था. अच्कोउन्तिंग क्लास बहुत बोरिंग था. मेने कागज़ पर नोट्स लिख दी. दूसरा क्लास धर्म के बारे था. हर दिन प्रोफेस्सर कहानियों सुना दिया करते थे. और में सुन लेता था. आज प्रोफेस्सर ने एक फिल्म दिखा दी. पूरी क्लास को मज़ा आ गयी. तीसरा क्लास हिंदी था. हिंदी में आज एक परीक्षा थी. शिक्षक ने सब छात्रों को परीक्षा दी. छात्रों ने परीक्षा ले ली और टेस्ट सुरु कर लिया. चौथा क्लास मैनेजमेंट था. आज मैनेजमेंट में, हम एक गेम खेल रहे थे लेकिन हम खेल नहीं सकी क्यों की बारिस सुरु हो गयी. क्लास के बाद मैं पुस्तकालय गया और किताब वापस दे दी. फिर में धोबी के पास गया और मेरे गंदे कपडे दे दिए. फिर मैं घर गया और हवाई अड्डे जाने  के लिए बैग पैक की. मुझे चिचागो में के इन्तेर्विएव दे गिया था. मेने दवाई खा ली और सैट बजे की बस पकड़ ली हवाई अड्डे जाने के लिए. जब मैं हवाई अड्डे पंहुचा, टिकेट अगेंट ने कहा की मेरा उड़ान चार घंटे लेट था. मैं चार घंटे  हवाई अड्डे में सो गया. मैं चिकागो में चार ऍम पंहुचा. मेने एक टैक्सी ली और होटल पर गया. 

Wednesday, 7 March 2012