Thursday, 23 February 2012

Wednesday, 22 February 2012

Thursday, 16 February 2012

conversation

मैं: अरे! आप जो लरके! क्यों वह लरके हैं?
जेफ्फ: नमस्ते गर्रेत्त. मेरे नाम जेफ्फ
मैं: जेफ्फ, कहाँ से आप आया था?
जेफ्फ: मैं वैसे विशोष जुगाह से आता है वैसे जुगाह बहुत गर्मी है
मैं: यह ठीक है. जहां इस अच्छा जुगाह है? वहां गर्मी जुगाह होता?
जेफ्फ: यह जुगाह इंडिया में है
मैं: और आप का फॅमिली इंडिया में रहते हैं?
जेफ्फ: हाँ जो मेरा भाई इंडिया में रहता है. वह भाई मुझे जवान है.
मैं: अमेरिका में जिन मेरे बहाने रहते है उस को अमेरिका बहुत पसंद है.
जेफ्फ: और मेरा भाई को इंडिया बहुत पसंद है!
मैं: जेफ्फ, आप के पास जितने रुपये हैं? उतने रुपये कुछ बड़ा है?
जेफ्फ: क्यों आप मुझ को इस के लिए पूछता है?
मैं: मैं जैसे खाना चाहता है वैसे खाना बहुत मसलीदार है
जेफ्फ: मुझ को मसलीदार खाना भी पसंद है
मैं: इस जगह से जिधर उत्तर होता. उधर बहुत दुकान होता
जेफ्फ: हम जा चाहिए
मैं: टिक है

Wednesday, 15 February 2012

Conversation homework- 2/15

नैना: रूम, जब तक मैं वापस न आऊँ, तब तक तुम यहाँ कड़ी रहना
रुमा: मगर क्यूँ?
नैना: क्यूंकि में तुम्हारी माँ हूँ, और मैं तुम्हारा ख्याल रखना चाहती हूँ. जब तुम खुद माँ बनेगी, तब तुम्हे पता चलेगा.
रुमा: लेकिन मम्मी, आप कहाँ जा रहे हैं?
नैना: रसोई में, पानी चडाने, तुम्हारे स्नान के लिए
रुमा: अच्छा

(नैना रूमा को निला रही हैं)

नैना: रूमा तुम अब ४ साल की हो, जिस दिन तुम ८ साल की बनोगी, उस दिन से में तुमको निलाहना बंध करोंगी.
रूमा: मगर क्यूँ, माँ?
नैना: क्यूंकि बड़ी लड़कियां अपने आप स्नान करती हैं, बेटा.
रूमा: मुह्जे बड़ा नहीं बन्ना हैं, मम्मी!
नैना: आखिर सबको एक न एक दिन बड़ा होना हैं. पर तुम हमेशा हमेशा के लिए मेरी छोटी गुड़ियाँ रहेगी. मेरा बुढ़ापन में जिदर तू जाएगी, उधर मैं भी आऊँगी, तेरा ख्याल रखने.
रूमा: जो मम्मी हमेशा उसकी बेटी के पास रहती हैं, वह मम्मी सबसे अच्छी होती हैं! मेरी मम्मी सबसे अच्छी हैं! इ लव यू मम्मी!
नैना: इ लव यू तू, बेटा