Saturday, 5 November 2011

अगर मैं भारत जाती


तन्वी गंगल

अगर मैं भारत जाती

अगर मैं भारत जाती तो मैं पहले अपनी बाबाजी-दादीमा से मिलने जाती दिल्ली में. फिर कुछ दिन उनके सात गुजरने के बाद, मैं जैपुर जाती अपनी चाची से मिलने. वह मैं कपडे और छुरियां और गेहना खरीदनि जाती. मुझे शीश महल देखने की बहुत इचा होती, तोह मैं शीश महल को देखने जाती. वहां मैं कई फोतैयाँ खीचती मुग़लिय स्थापत्य कि. फिर मैं चाची के घर जाती, सरे दिन घूमने के बाद, खाना खाने के लिया. वह हमेशा मेरे सबसे पसंदिता खाना बनती- गरम-गरम छोले और ताज़ी टेलवे बटुरे. दो तीन दिनों के बाद मैं अपनी नानू के सात वैष्णोदेवी मन्दिर जाती जम्मू-कश्मीर में. उसके बाद मैं नानू के सात उनकी घर दिल्ली में वक़्त गुज़रती, चांदनी चौक जाकर सरकवाले पराठे खाते.

मैं भारत में रहूँ दिवाली कि समय, टाकि मैं अनुभव कर सकूं सरे दिवाली कि रिवाज़, जैसे कि हर समय गाना बजाना, परिवार कि सात्गी, या पटके चोरना, या रावन को जलना, पर सुबसे बार्कर, दिवाली कि एक दिन बाद मेरी नानू कम-से-कम पचास किसम कि अलग-अलग खाना बनती है, और खासकरके मेरे सबसे पसंदिता मिठाई, गुलाब जामुन बनती. मेरी नानू के हांथ के गुलाब जामुन दुनिया के सबसे स्वादिष्ट गुलाब जामुन होते हैं. मैं तोह उससे खा-खाकर इतना बिगरगए कि मैं किस्सी और दूकान कि गुलाब जामुन खाने का सोच भी नहीं सकती.

जब अमेरिका लौटने का वक़्त आये, मैं बोहोत उदास पार्टी क्योंकि मुझे ख्याल आता है कि अमेरिका मैं इतना अच्छा खाना, सरे परिवार की सात्गी, और जानकारी की सब लोग मेरे मात्री ज़बान समाज सकते हैं.

अगर मैं भारत जाता

अगर मैं भारत जाता तो मुझे बहुत कुछ करना पड़ता. यह भारत जाने की मेरी चौथी यात्रा होती और इस बार मैं वहां लंबे समय तक रहता. मैं चाहता हूँ कि मैं वहां तीन या चार महीने तक रहूं जब मौसम गर्म न हो. सबसे पहले, मैं मेरे दादा-दादी को मिलने जाऊंगा क्योंकि मैंने उन को चार साल से नहीं देखा हैं. मैं उन के साथ नहीं रहूँगा क्योंकि मुझे उन का गाँव पसंद नहीं है. मैं अपनी माँ के घर जाना चाहता हूँ और वहां रहना चाहता हूँ. वहां कोई नहीं होगा क्योंकि मेरे माँ का परिवार सब अमेरिका आ गये हैं लेकिन मेरे दोस्तों वहां होगे. शायद मैं उन के साथ कुछ बात-चित करूँ और कुछ क्रिकेट सीखूँ और खेलूँ.  फिर मुझे कई लोगों से मिलना होगा....परिवार, परिवार के दोस्तों से, और लोग मैं नहीं जानता.  मुझे बहुत खरीदारी भी करनी होगी...कपड़े,  मिठाइयाँ, खिलौने, वगैरा.  यह सब मुझे तीन या चार हफ्ते लगेगे.   मुझे खाना भी बहुत खाना होगा...यह एक या दो हफ्ते लगेगा.  यह सब करने के बाद मैं सारा देश देखना चाहता हूँ लेकिन यह संभव नहीं है इस लिए मुझे सिर्फ सात या आठ शहर देखने होगे.  मैंने  ताज महल, लाल किला, कुतुब मीनार, जल महल, और कई अन्य पर्यटन स्थलों को देखा हैं जब में २००३ में भारत गया.  अगर मे भारत अब जाता तो मैं कहीं और स्मारकों, किलों, और महलों को देखना चाहता हूँ.  शायद मैं भारत जाकर इस बार लोगों की मदद भी कर सकूँगा (लेकिन मुझे नहीं मालुम मैं यह कैसे करूंगा).

अगर मैं भारत जाती

अगर मैं भारत जाती तो मुझे बहुत ख़ुशी होती | मैं चाहती हूँ कि मैं भारत लगभग एक या दो महीने के लिए जाऊं | लेकिन मेरी एक शर्त है कि मैं गर्मियों कि छुट्टियों में नहीं जाऊंगी | गर्मियों कि छुट्टियों में भारत में बहुत गर्मी होता है और मुझे ये अच्छा नहीं लगता है | पिछली बार जब मैं गर्मियों कि छुट्टियों में भारत गयी थी मैं एक या दो हफ़्तों के लिए बीमार थी | ये बहुत बुरा हुआ था क्योंकि उस समय में बहुत कुछ नहीं कर सकी | इस सब के कारण मैं भारत सिर्फ सर्दी में जाऊंगी | शायाद ये मुमकिन न हो क्योंकि मुझे कॉलेज जाना हो | भारत जाकर मैं बहुत कुछ करती | भारत में मेरे रिश्तेदार रहतें है तो मैं उन से मिलना चाहती | शायद मैं उन को न पहचानू और वे भी मुझे न पहचानें | यह अच्छी बात नहीं है लेकिन मैं सिर्फ कभी-कभी उन के साथ फ़ोन पर बात करती हूँ | भारत मैं कई पुरानी इमारतें हैं जो मैं देकना चाहती हूँ | काश मैं फिर से ताज महल देखू |  भारत में कई मंदिरों भी है जो बहुत सारे लोग देखने जाते हैं | मैं भारत की महलों भी देखना चाहती हूँ | वहां मैं तस्वीर भी लेती | मुझे लगता है कि मुझे भारत जाना चाहिए | एक और बात! जब मैं भारत जाऊ तब मैं बहुत सारी चीज़ें खरीदू | बहुत मज़ा आएगा | भारत में कपडे अच्छे मिलते है | वहां के कपडे सस्ते भी होतें हैं | काश अमेरिका के  कपडे भी सस्ते हो | मुझे भारत का संगीत भी अच्छा लगता है तो मैं वेह भी लूंगी | भारत में मैं फिल्म भी देखने जाऊंगी | शायाद मैं हर रोज़ भोजन शाला में खाऊ | भारत का खाना बहुत अच्छा होता है | शायद मैं अगले साल भारत जाऊ |

HW 15 - सीता स्याल - अगर मैं भारत जाती...

 
अगर मैं भारत जाऊं, मैं चाहती हूँ कि लम्बे समय से यहाँ रहती हूँ.  मैं दिल्ली में रहना चाहती हूँ क्योंकि उपना परिवार यहाँ रहता है.  मैं दादी जी से  मिलूंगी - वे बूढ़ी हैं (तिरानवे साल!) लकिन बहुत होशियार हैं. उनको अंग्रेजी नहीं आती हैं, तो जरुरी है कि हम हिंदी बोलूंगी.  भारत में, मैं सिर्फ़ हिंदी बोलनी चाहती हूँ - मुझको हिंदी भाषा बहुत अभ्यास करना चाहिए.  शायद जब मैं भारत जाऊं, मैं नए दोस्तों से मिलूँ, सिनेमा फिल्में  दखने के लिया जाऊं, बाज़ार में खरीदूँ, जगह घूमूँ, और बहुत मजेदार चीज़ां करूँ.  चिंता मत - मैं हमेशा हिंदी बोलूंगी, सुनूँगी, पढ़ूँगी और देखूँगी!

भारत में, बहुत अच्छे स्थान घुमने के लिये हैं.  दिल्ली में, मैं कनॉट प्लेस जाऊँगी, खरीदने के लिये. दिल्ली के बाद,  मैं पंजाब जाना चाहती हूँ.  मरे दादा-दादी पंजाब से हैं.  शायद मैं पंजाबी भाषा भी सीखूँ!  उस के बाद, मैं दक्षिण भारत जाना चाहती हूँ.  पहले, मैं मुम्बई जाऊंगी.  इस शहर बहुत बड़ा और मशहूर हैं, लकिन मैं यहाँ नहीं जाती थी. बॉलीवुड मुंबई में है....शायद मैं अमिताब भाचन या शाहरुख खान देखूँ!! :) न जाने......

अंत में, मैं गोआ जाना चाहती हूँ.  गोआ समुद्र के पास और शहर में बहुत समुद्र तट हैं. मौसम बहुत अच्छा हैं, खाना बहुत अच्छा है, और सब लोग आराम करते हैं.  :) 

पंजाब


 ग़ोआ